घाटे का कलंक धुला:महिलाओं को फ्री में यात्रा करवाने के बाद भी मुनाफे में चल रही है डीटीसी, 2.32 करोड़ कमाए
घाटे का कलंक धुला:महिलाओं को फ्री में यात्रा करवाने के बाद भी मुनाफे में चल रही है डीटीसी, 2.32 करोड़ कमाए
सालों से विपक्ष के घाटों, घोटालों जैसे आरोपों का सामना कर रही दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के लिए बेहद खुशी की बात है कि वह महिलाओं को मुफ्त यात्रा करवाने के बाद भी मुनाफे में है। डीटीसी के अधिकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 में सभी खर्च काट कर डीटीसी को 2.32 करोड़ रुपए मुनाफा हुआ है। डीटीसी को वर्ष 2020-21 में महिलाओं को मुफ्त यात्रा करवाने में 114.86 करोड़ रुपये खर्च हुई है।
दिल्ली सरकार डीटीसी की बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाकर यात्रा को ज्यादा सुरक्षित बनाने का काम भी कर रही है। अब तक डीटीसी की 3,697 बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जा चुके हैं। बसों में 9,181 मार्शल तैनात किए जा चुके हैं। मार्शलों की तैनाती पर प्रति माह 13.06 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
बीते वर्ष कुल आय 454 करोड़
बीते वित्तीय वर्ष 2020-21 में डीटीसी को कुल आय 454.42 करोड़ रुपये हुई। बसों पर प्रति किलोमीटर परिचालन की लागत 106 रुपये रही। ईंधन पर प्रतिमाह 28.63 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अधिकारियों के अनुसार डीटीसी बेड़े में 3,762 बसें हैं, जिनमें से 3,760 सीएनजी बसें और दो इलेक्ट्रिक बसें भी दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रही हैं।
परिचालन पर हर माह 167.49 करोड़ खर्च
डीटीसी ने अपने कर्मचारियों के वेतन और बकाया सहित अपनी बसों को चलाने के लिए हर माह लगभग 167.49 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बसों के चालकों और कंडक्टरों के वेतन पर 53.12 करोड़ रुपये मासिक खर्च कर रही है। बीते वित्त वर्ष में डीटीसी में कुल 7,715 कर्मचारी स्थायी और 22,809 कॉन्ट्रेक्ट कर्मी थे।



Comments
Post a Comment